17 साल की अनन्या सलूजा कक्षा 11 में पढ़ती है। अपने स्कूल के कम्यूनिटी सर्विस प्रोग्राम के ज़रिये अनन्या ने दो महीने Leh में ग़रीब बच्चों को पढ़ाया। प्रोग्राम तो कुछ समय में ख़त्म हो गया लेकिन अनन्या को अहसास हुआ कि उसने उन बच्चों से ज़्यादा सीखा है जिन्हें उसने पढ़ाया| उसने सोच लिया कि वा आगे भी बच्चों को पढ़ाती रहेगी| इसके बाद से ही अनन्या अपनी गर्मियों की छुट्टियों में Leh-Ladakh आकर ग़रीब बाकचों को पढ़ाने लगी| अब तक अनन्या 600 से ज़्यादा बस्तियों और 1000 से ज़्यादा गवर्नमेंट स्कूल्स में पढ़ा चुकी है। बच्चों को पढ़ने के अलावा उन्होनें वहाँ प्लेग्राऊंड और पुस्तकालय बनाने के लिए फंड-रेसिंग भी कर रही है और अब तक 10 लाख से भी ज़्यादा का फंड जमा कर लिया है जिससे 19 पुस्तकालय बन जायेंगे।

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